क्लियर हार्ट लिक्विड  + क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल

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Description

भारतीय युवाओं में तेजी से बढ़ रही है हार्ट अटैक की समस्या !!!

भारतीय युवाओं में हृदयाघात (हार्ट-अटैक) की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है और 2030 तक सबसे अधिक मौत  हृदय रोग के कारण ही होगी।

 

दिल के दौरे का संबंध सबसे पहले बढ़ती उम्र के साथ माना जाता था लेकिन अब अधिकतर लोग उम्र के  तीसरे और चौथे दशक के दौरान ही दिल की बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं।

 

आधुनिक जीवन के बढ़ते तनाव ने युवाओं में दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ा दिया है।

 

हालांकि आनुवांशिक और पारिवारिक इतिहास अब भी सबसे आम और अनियंत्रित जोखिम कारक बना हुआ है, लेकिन युवा पीढ़ी में अधिकतर हृदय रोग का कारण हृदय की धमनियों में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) जमा होने कारण शरीर में ज़रूरत से अधिक चिकनाई या वसा (Fat) का जमा होना माना जाता है।

 

जमे हुए इस कोलेस्ट्रॉल के थक्कों को प्लाक्स कहा जाता है जो अगर आर्टरी में जम कर सख्त होने पर हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

 

इसी के साथ ही अत्यधिक तनाव और लगातार लंबे समय तक काम करने के साथ-साथ अनियमित नींद, धूम्रपान, शराब और आराम तलब जीवनशैली भी 30 से 40 साल के आयु वर्ग के लोगों में हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा रही है।

 

हार्ट ब्लॉजकेज का आयुर्वेदिक इलाज

देश के हार्ट हॉस्पिटल्स में सालाना 10 लाख से अधिक ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है और इसमें सालाना 25 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। लेकिन यह सर्जरी केवल तात्कालिक लाभ के लिए होती है।

 

आधुनिक समय में न केवल भारत में बल्कि सम्पूर्ण विश्व ने हृदय रोग में  आयुर्वेद के उपचार को अधिक सुरक्षित और उपयोगी मान लिया है।

 

हार्ट ब्लॉकेज का आयुर्वेदिक उपचार भी इसी प्रकार सरल और बिना किसी प्रकार के साइड इफेक्ट के होता है।

 

इसके लिए घर में आसानी से उपलब्ध होने वाली विभिन्न चीजें जैसे अदरक, लहसुन, नींबू, ऐपल साइडर विनेगर, शहद, अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा, मेथी, कुटकी, पिप्पली आदि के प्रयोग से सरलता से बिना किसी ट्रीटमेंट के ही हार्ट ब्लॉकेज को खोला जा सकता है।

 

ये आयुर्वेदिक औषधियां हार्ट ब्लॉकेज को खोलने ओर एल.डी.एल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, को कम करने ओर  शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालकर लीवर, किडनी को हेल्दी रखते में मदद करती है।

 

यह सभी चीज़ें ब्लड में फैली अम्लीयता को दूर करके उसमें जमे प्लाक्स को दूर करने का काम करती हैं। आयुर्वेद में हार्ट ब्लॉजकेज ओर कोलेस्ट्रॉल का सुरक्षित इलाज बिना साइडइफ़ेक्ट के बहुत सरल व प्रभावी है।

 

आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट के साथ स्वस्थ दिल बनाए रखें,

Clear Heart Capsules लहसुन, अदरक, नींबू, ऐपल साइडर विनेगर ओर शहद का शुद्ध मिश्रण है।

 

आयुर्वेदिक क्लियर-हार्ट लिक्विड एक प्राकृतिक ब्लड थिनर के रूप में कार्य करता है जो हार्ट-ब्लॉकेज, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, वैरिकाज-वेंस, यूरिक एसिड, और रक्त वाहिकाओं के प्रवाह में रुकावटों को दूर करने में मदद करता है।

 

Clear Heart Plus Capsules अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा, मेथी, कुटकी, पिप्पली से बना है जो हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और शुगर, कम करने और शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालकर लीवर, किडनी को हेल्दी रखते हैं।

 

अदरक, लहसुन, नींबू, ऐपल साइडर विनेगर, शहद, अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा,  मेथी, कुटकी, पिप्पली में कई प्रकार क़े विटामिन जैसे कि विटामिन सी, विटामिन बी-6, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन के एवं मिनरल्स जैसे कि कैल्शियम, लोहा, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, जस्ता होते हैं जो कि शरीर में नई ऊर्जा प्रदान करता हैं|

Ingredients

आयुर्वेदिक क्लियर-हार्ट लिक्विड लहसुन, अदरक, निबु, ऐपल साइडर विनेगर ओर शहद का शुद्ध मिश्रण है।

लहसुन

लहसुन एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। इसमें एलीसीन (Allicin) और दूसरे सल्फर यौगिक मौजूद होते हैं। साथ ही लहसुन में एजोइन (ajoene) जैसा तत्व और एलीन (allein)  जैसा यौगिक भी मौजूद होता है, जो लहसुन को और ज्यादा असरदार औषधि बना देता हैं।

लहसुन में बायोएक्टिव सल्फर यौगिक, एस-एललिस्सीस्टीन मौजूद होता है, जो ब्लड प्रेशर कम करता है। लहसुन के सेवन से शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (जो कि हानिकारक कोलेस्ट्रॉल होता है) के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का ह्रदय संबंधी रोगों से सीधा रिश्ता होता है।

 

अदरक

अदरक में जिंजरोल नामक खास तत्व मौजूद होता है, जो रक्त प्रवाह को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ दर्द को दूर करने का काम कर सकता है।

अदरक को लेकर किए गए शोध में इसमें मौजूद एंटी-डायबिटिक, हाइपोलिपिडेमिक और एंटी-ऑक्सीडेटिव गुणों के बारे में पता चला है, जो मधुमेह के रोगियों में शुगर की मात्रा को संतुलित करने का काम कर सकता है।

 

नींबू

 

नींबू में मौजूद पॉलीफेनॉल्स बढ़ते मोटापे को नियंत्रित कर सकते हैं . नींबू शरीर से फैट को कम करने में मदद करता है। साथ ही हृदय रोग के जोखिम को भी कम करता है

नींबू विटामिन-सी बड़ा स्रोत है और विटामिन-सी कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है।

 

ऐपल साइडर विनेगर

ऐपल साइडर विनेगर में मौजूद एंटी ग्लाइसेमिक गुण ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं  ऐपल साइडर विनेगर कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद कता है। इसमें पेक्टिन होता है, जो शरीर के अंदर से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।

ऐपल साइडर विनेगर आपके शरीर से विषैले पदार्थ बाहर कर शरीर को डिटॉक्स करने का भी काम करता है। ऐपल साइडर विनेगर में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो आपके शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं।

 

शहद

 

शहद औषधि गुणों से भरपूर एक प्राकृतिक खाद्य पदार्थ है। शहद में विटामिन-ए और बी पाया जाता है। इसमें फैट नहीं होता, इसलिए यह वजन घटाने में मदद करता है। हनी शरीर की अतिरिक्त चर्बी को खत्म करता है . मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आप कई प्रकार से शहद का सेवन कर सकते हैं।

हनी में काफी मात्रा में माइक्रो न्यूट्रिएंट पाए जाते है, जो मधुमेह के पीड़ित लोगों के लिए काफी फायदेमंद माने गए हैं। नियमित रूप से इसका सेवन हाइपरग्लेसेमिया (उच्च रक्त शर्करा) को कम कर देता है।

शहद में पोटेशियम और सोडियम जैसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभदायक होते हैं. शहद फेनोलिक यौगिक घटकों से समृद्ध होता है, जो प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है।

शहद में मौजूद फेनोलिक घटकों की कड़ी में क्वार्सेटिन, कैफीक एसिड फेनेथिल एस्टर, एसीसेटिन, कैम्फेरोल व गैलांगिन आदि शामिल होते हैं, जो हृदयवाहिका रोगों के इलाज में फायदा पहुंचाते हैं।

आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा,  मेथी, कुटकी, पिप्पली से बना है।

 

दालचीनी

 

दालचीनी दिल से जुड़ी कई समस्याओं में उपयोगी है. दालचीनी आपके हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम कर, अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को स्थिर करती है।

इससे दिल के दौरे का खतरा भी कम होता है। हैं  दालचीनी में  फेनोलिक यौगिक और फ्लैवोनॉइड मौजूद हैं, जो एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीडाइबेटिक, एंटीकैंसर और कार्डियोप्रोटेक्टीव गुण प्रदान करते हैं।

दालचीनी में ऐसे शक्तिशाली एंटी-डायबिटिक प्रभाव होते है जो ब्लड में शुगर स्तर को कम करते है।
इसमें कई एंटी-ऑक्सीडेंट, फाइबर और कैल्शियम भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। दालचीनी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट डायबिटीज होने के एक महत्वपूर्ण करक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है।

 

अर्जुन छाल

अर्जुन छाल में कार्डियोप्रोटेक्‍टीव और हृदय को मजबूत करने वाले कई गुण होते है।  यह हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने और हृदय द्वारा खून को पूरे शरीर में पहुंचाने की क्षमता में वृद्धि करता हैं।

इसके अलावा इसके सेवन से हार्ट अटैक का खतरा भी दूर रहता हैं।

अर्जुन छाल में मौजूद प्रोटीन व अन्य गुण हाई बल्ड प्रैशर को कम करने में सहायक होते हैं।

 

 कुटकी

 

कुटकी रक्त में सीरम क्रिएटिनिन, यूरिक एसिड तथा इलेक्ट्रोलेट्स के स्तर में सुधार करता है। कुटकी लीवर सिरोसिस  को जड़ से खत्म करने में सक्षम मानी जाती है।

कुटकी में एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण रक्त विकार, और ह्रदय रोग जैसी परेशानियां दूर की जा सकती है। और कुटकी रक्त को साफ करने में सहायक सिद्ध होती है।

कुटकी के प्रयोग से पाचन तंत्र बेहतर बनता है और गैस्ट्रिक स्त्राव ठीक रहता है। कुटकी पाचन तंत्र में उत्तेजना पैदा करती है इस तरह यह ग्लाइकोजन के रूप में खून में शुगर के संचय को रोक कर लीवर को फायदा पहुंचाती है। इस वजह से यह मधुमेह को नियंत्रित करने में बहुत लाभदायक सिद्ध होती है।

 

पीपली

पीपली लीवर को स्वास्थ्य बनाये रखने में मदद करता है क्योंकि इसमें पिपेरिन नामक तत्व पाया जाता है जो कि लीवर की कोशिकाओं को स्वस्थ रखकर लीवर के कार्य करने की क्षमता को बढ़ाता  है।

पिप्पली कोलेस्ट्रॉल को कम करती हैं। यह पाचन संस्थान को शक्तिशाली बनाती है और कफ का नाश करती है।

यह पुराने बुखार, श्वास, कास, वात प्रकोप और भूख कम होना आदि व्याधियों को दूर करने वाली उत्तम औषधि है।

 

मेथी

 

मेथी के दाने में घुलनशील फाइबर होता है, यह कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण की दर को कम कर देता है। मेथी के दाने रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करते हैं।

शोध के अनुसार मेथी के दानों में कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता है। खासकर, यह एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को शरीर से खत्म करने में कारगर है।

मेथी के दानों में नारिंगेनिन नामक फ्लेवोनोइड होता है। यह रक्त में लिपिड के स्तर को कम कर सकने में सक्षम होता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिस कारण मरीज का उच्च कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है।  मेथी के सेवन से दिल का दौरा पड़ने की आशंका कम होती है।

मेथी के दानों में अधिक मात्रा में फाइबर होता है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं मेथी के दानों में पॉलीफेनोलिक फ्लेवोनोइड पाया जाता है, जो किडनी को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। साथ ही यह किडनी के आसपास एक रक्षा कवच का निर्माण करता है,

अश्वगंधा

अश्वगंधा में एंटीआक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद हैं। इस कारण यह ह्रदय से जुड़ी तमाम तरह की समस्याओं को दूर कर सकता है।

अश्वगंधा ह्रदय की मांसपेशियां मजबूत और खराब कोलेस्ट्रोल का स्तर कम करने में मदद कर सकता है।
अश्वगंधा में भरपूर मात्रा में हाइपोलिपिडेमिक पाया जाता है, जो रक्त में खराब कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद कर सकता है।

अश्वगंधा के जरिए डायबिटीज से भी बचा जा सकता है। इसमें मौजूद हाइपोग्लाइमिक गुण, ग्लूकोज की मात्रा को कम करने में मदद कर सकता है।

कैसे इस्तेमाल करे ?

क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्स्यूल्स का कैसे इस्तेमाल करे?

अपने शरीर को स्वस्थ और हार्ट को तंदुरुस्त रखने के लिए क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल  को बिना किसी डर के लें सकते हैं।

 

हार्ट ब्लॉकेज, कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेसर की समस्या के लिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट आधा गिलास कुनकुने गरम पानी लें और इसमें दो चम्मच (20 एमएल) क्लियर हार्ट लिक्विड मिलाएं। इसे रोजाना सुबह खाली पेट पिएं। सुनिश्चित करें कि आप अगले आधे घंटे तक कुछ भी सेवन न करें.

और सुबह के नाश्ते के बाद 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल और शाम को 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल लें.। यह १००% साइड इफ़ेक्ट रहित मेडिसिन है

अच्छे परिणाम के लिए 6 महीने नियमित लें।

 

बिना देर किए आज ही क्लियर हार्ट लिक्विड और कैप्स्यूल्स को अपने घर की डाइनिंग टेबल का हिस्सा बनाएँ और हर समय स्वस्थ व तंदुरुस्त रहने का सरल तरीका अपनाएँ।

 

हार्ट ब्लॉकेज से रोकथाम इलाज से बेहतर है।

 

35 वर्ष से ऊपर प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में 3  माह क्लियर हार्ट लिक्विड या कैप्स्यूल्स लेना चाहिए जिससे शारीरिक ताकत बनी रहे एवं शरीर में उपस्थित अनावश्यक विषैले पदार्थो बाहर निकल जाये|

How It Works ?

क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल प्राकृतिक ब्लड थिनर के रूप में कार्य करता है जो हार्ट-ब्लॉकेज, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, वैरिकाज-वेंस, और रक्त वाहिकाओं के प्रवाह में रुकावटों को दूर करने में मदद करता है एवं शरीर (बॉडी) को डिटॉक्सीफाई कर हृदय की बीमारियों से बचाव में मदद करता है

क्लियर-हार्ट लिक्विड ओर क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल  हृदय में रक्त की पंपिंग को बढ़ाता है, हृदय में ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाता है, ब्लड को पतला करता है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है व यूरिक एसिड, एसिडिटी, एनीमिया, शुगर लेवल कम करने में और सीने में दर्द सहित कई सारी बीमारियों से बचाव में मदद करता हैं

2 reviews for क्लियर हार्ट लिक्विड  + क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल

  1. 5 out of 5

    Sayad Hasan

    Good Product For Heart and Lowering Cholesterol, get very good result in just 3/4 months every one must try Clear Heart Liquid & Clear Heart Plus Capsules

  2. 5 out of 5

    Sanjay Deepchand Jain

    My father tried Clear Heart Liquid & Clear Heart Plus Capsules and we really observed great improvements. He had undergone bypass surgery in 1996 and in 2018 we again performed a 2d echo and found 3 blockages. We found Clear Heart Advts in newspaper and then he tried Clear Heart Liquid in morning and Clear Heart Plus Capsules twice a day for 3 months course and now he is again test and his blockages are reducing and felling very energetic and no pain in chest and no short breath.
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  • एलपी(ए) कोलेस्ट्रॉल क्या है?

    एलपी(ए) कोलेस्ट्रॉल दरअसल प्लासमा एलडीएल का आनुवांशिक प्रकार है। ब्लड में इसकी अधिक मात्रा होने पर व्यक्ति को समय से पहले ही अथेरोक्लेरोसिस के होने की संभावना होने लगती है। हालांकि बढ़ा हुआ एलपी(ए) कोलेस्ट्रॉल हृदय संबंधी रोग का कारण कैसे बनाता है, यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है। धमनियों की दीवारों में पाया जाने वाला तत्व जब एलपी(ए) कोलेस्ट्रॉल के साथ मिलता है तब यह चिकनाई को जमा करने लगता है।

  • अधिक एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के क्या खतरे है ?

    जब रक्त में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल अधिक हो जाता है तब यह उन धमनियों की दीवार में जमने लगता है जो हृदय और मस्तिष्क का पोषण करती हैं। इन धमनियों में यह दूसरे तत्वों के साथ मिलकर प्लाक्स जो एक मोटा और सख्त पदार्थ होता है, का निर्माण करने लगता है। इस स्थिति को आर्थ्रोक्लोरोसिस कहते हैं। जब इस प्लाक्स के टुकड़े हो जाते हैं तब यह शरीर के पूरे रक्त में मिलने लगता है और इसका बहाव हृदय की ओर जाने वाली मसल्स में होने लगता है जिसके कारण हार्ट अटैक का खतरा हो जाता है। अगर यह बहाव मस्तिष्क की ओर जाने वाले रक्त को रोकने लगता है तब व्यक्ति को लकवे का डर हो जाता है। डॉक्टरों का यह मानना है कि एचडीएल कोलेस्ट्रॉल का काम हृदय की धमनियों से रक्त को निकालकर लीवर में वापस ले जाना होता है जहां से यह शरीर से बाहर निकल जाता है। इसके अलावा उनका यह भी मानना है कि एचडीएल, शरीर में बने प्लाक्स में से फालतू चर्बी को बाहर निकाल कर उनकी निर्माण प्रक्रिया को धीमा कर देता है। एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को इसलिए ब्लड का अच्छा कैरियर माना जाता है क्योंकि बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल ही शरीर में हार्ट अटेक को होने से रोक सकता है। जबकि एलडीएल का कम लेवल, लकवे की संभावना को बढ़ा देता है।

  • एलडीएल और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल क्या होता है?

    मानव शरीर के ब्लड में कोलेस्ट्रॉल और दूसरी फैट घुलने वाली नहीं होती है। उन्हें बॉडी सेल्स में और से लाने-ले जाने का काम भी बॉडी सेल्स ही करते हैं। इन सेल्स का नाम लिपोप्रोटिंस होता है। वैसे तो यह सेल्स अलग-अलग प्रकार के होते हैं लेकिन लो-डैन्सिटि लिपोप्रोटिंस(LDL) और हाई डेंसीटी लिपोप्रोटिंस(HDL) अधिक महुत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनमें लिपोप्रोटिंस को रक्त में मिलने वाले महत्वपूर्ण कोल्टेस्ट्रोल वाहक सेल्स माना जाता है। इसके अतिरिक्त रक्त का लगभग 1/3 से लेकर ¼ भाग तक हाई डेनिसिटी लिपोप्रोटिंस सेल्स के द्वारा लाया या ले जाया जाता है।

  • कोलेस्ट्रॉल क्या है?

    कोलेस्ट्रॉल आपके शरीर के ब्लड और सेल्स में फैट के अंदर नरम और चिकना व चिपकने वाला तत्व होता है। यह शरीर में हेल्थी ब्लड के जरूरी हिस्से के रूप में दूसरे कामों के अलावा सेल्स की झिल्ली के निर्माण में काम आता है। लेकिन जब ब्लड में इसकी मात्रा बढ़ जाती है तब यह स्थिति हाई कोलेस्ट्रॉल की कहलाती है जो लगभग हर प्रकार की हृदय रोग संबंधी विशेषकर हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार होती है।

  • क्लियर हार्ट लेने से क्या कोई साइड इफेक्ट होते हैं?

    क्लियर हार्ट पूरी तरह से एक सुरक्षित प्रोडक्ट है। यह पूरी तरह से शत प्रतिशत ओर्गेनिक चीजों से मिले नैचुरल तत्वों से ही मिलकर बना है। इसका निर्माण विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर किया गया है जो हृदय संबंधी परेशानियों से ग्रस्त हैं और आगे भी वो इनके साथ रहने के लिए मजबूर हैं। इसके नियमित और लंबे प्रयोग से कोई साइड इफेक्ट नहीं हो सकता है।

  • क्लियर हार्ट का सेवन किसको नहीं करना चाहिए?

    इसे छोटे बच्चों और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को देनी की सलाह नहीं दी जाती है। इसके अलावा प्रेग्नेंट और ब्रेस्ट-फीड करवाने वाली माँ को भी इसे न लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा यदि आप और भी किसी बात के लिए दवा ले रहे हैं तो क्लियर हार्ट लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य करें।

  • इसकी कम से कम कितनी मात्रा लेनी चाहिए?

    अगर आप स्वयं को स्वस्थ रखते हुए, हर प्रकार की हृदय को स्वस्थ और मजबूत करने , ब्लड प्रेशर आदि संबंधी परेशानियों को दूर रखना चाहते हैं हार्ट ब्लॉकेज, कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेसर की समस्या के लिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट आधा गिलास कुनकुने गरम पानी लें और इसमें दो चम्मच (20 एमएल) क्लियर हार्ट लिक्विड मिलाएं। इसे रोजाना सुबह खाली पेट पिएं। सुनिश्चित करें कि आप अगले आधे घंटे तक कुछ भी सेवन न करें. और सुबह के नाश्ते के बाद 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल और शाम को 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल लें.। यह १००% साइड इफ़ेक्ट रहित मेडिसिन है  क्लियर हार्ट को लेने की आदत से आपको बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

  • मेरा शारीरक वजन बहुत अधिक है। क्या मैं इसका इस्तेमाल कर सकता हूँ?

    जी हाँ, बिल्कुल कर सकते हैं। वैसे भी, जिन लोगों का शारीरिक वजन बहुत अधिक होता है उन्हें हृदय संबंधी परेशानियाँ थोड़ी अधिक होती हैं इसलिए उनके लिए तो क्लियर हार्ट का सेवन करना और भी अधिक जरूरी होता है। क्लियर हार्ट में सभी प्राकृतिक तत्व जैसे अदरक, लहसुन, नींबू, ऐपल साइडर विनेगर, शहद, अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा,  मेथी, कुटकी, पिप्पली मिले होते हैं जो आपका वजन कम करने में नैचुरली मदद करते हैं और हृदय संबंधी परेशानियों को दूर रखते हुए आपके जीवन को स्वस्थ व आपको प्रसन्न रख सकते है।

  • मुझे मधुमेह की शिकायत है। क्या मैं इसका इस्तेमाल कर सकता हूँ?

    वैसे तो यह मधुमेह या इसके कारण होने वाली किसी स्वास्थय संबंधी परेशानी में कोई नुकसान नहीं करती है, फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से इसे लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य ले सकते हैं।

  • क्या क्लियर हार्ट के सेवन के साथ अपनी जीवन शैली में कोई विशेष परिवर्तन करना होगा?

    ऐसा करना जरूरी नहीं है। क्लियर हार्ट में सभी तत्व प्राकृतिक गुणों से युक्त हैं। फिर भी से सुबह खाली पेट और कुछ भी जैसे चाय, जूस या ब्रेकफ़ास्ट के खाने से 30 मिनट पहले लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा और किसी भी बात में परिवर्तन की जरूरत नहीं है।

  • मैं क्लियर हार्ट को कैसे खरीद सकता हूँ?

    सामान्य रूप से क्लियर हार्ट लिक्विड, क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल और क्लियर हार्ट कैप्सूल्स महाराष्ट्र के सभी प्रसिद्ध और बड़े कैमिस्ट और आयुर्वेदिक स्टोर में सरलता से मिल जाते हैं। इसके अलावा सभी वो वेबसाइट जो हेल्थ संबंधी प्रोडक्ट बेचती हैं वो भी हमारे प्रोडक्ट को अपने पास लिस्टिड रखती हैं। फिर भी बिना किसी परेशानी के अपने घर बैठे इसे लेने के लिए पूरे भारत में कहीं भी मँगवाने के लिए www.vinnershealthcare.com से भी ऑर्डर कर सकते हैं।  अभी ऑर्डर करें।

  • क्या मुझे क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल्स लेना चाहिए ?

    आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा,  मेथी, कुटकी, पिप्पली से बना है जो हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल, शुगर, कम करने और किडनी की कार्य क्षमता बेहतर करने का काम कर्ता है और किडनी, लिवर को भी साफ करने में मदद करता है जिस से शरीर में ब्लड बेहतर  साफ़ होता है और शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में लाभकारी हैं।  क्लियर-हार्ट लिक्विड / क्लियर-हार्ट कैप्सूल के साथ क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल लेने से हृदय रोग में बेहतरीन परिणाम देखने को मिलते हैं।

  • क्या क्लियर हार्ट से मुझे फायदा होगा?

    जी हाँ,  बिल्कुल, इसके सेवन से आपको फायदा होगा, क्लियर हार्ट आयुर्वेदिक औषधियां से बनाया गया है जो सदियों से अपने लाभकारी गुणों के जरिये आपके हार्ट, किडनी और लीवर को स्वस्थ रखने के लिए जानी जाती हैं और उन सभी बीमारियो व परेशानियों को दूर रखने में समर्थ होती हैं जो उम्र के बढ़ने के साथ ही आपको परेशान कर सकती हैं।

  • मुझे अच्छे परिणाम लेने के लिए कब तक इसे लेना होगा?

    क्लियर हार्ट को लेने वाले अधिकतर ग्राहक इस बात से संतुष्ट होकर कहते हैं कि उन्हें 2-
    3 माह के अंत तक संतोषजनक परिणाम देखने को मिल जाते हैं। इसके अतिरिक्त, यह एक सप्लिमेंट है जिसका सेवन वे एक अच्छी आदत के रूप में अपनी नियमित डाइट के साथ जारी रख सकते हैं।  अंतिम परिणाम के रूप में इसके सेवन के बाद एक स्वस्थ हृदय और शरीर को प्राप्त करना हो सकता है। अच्छे परिणाम के लिए 6 महीने नियमित लें।

  • क्लियर हार्ट का सेवन किसे करना चाहिए?

    वो सभी जो अपने हृदय को स्वस्थ रखना चाहते हैं, इसका सेवन कर सकते हैं। विशेषकर तब तो जरूर जब आपकी उम्र 35-40 वर्ष या इससे अधिक की हो तब उम्र के साथ होने वाली सभी बीमारियों को शरीर से दूर रखने के लिए और उन सभी को जो हृदय की ठीक न हो सकने वाली परेशानियों से ग्रस्त हैं वो भी क्लियर हार्ट के सेवन के जरिये उन्हें सरलता से ठीक करने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा, क्लियर हार्ट, आजकल की बदली हुई जीवनशैली जैसे तनाव पूर्ण वातावरण, पौष्टिक भोजन के सेवन न करने, लगातार जंक फूड लेने के कारण होने वाली बीमारियों में भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। प्राकृतिक होने के कारण क्लियर हार्ट का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित है और हर प्रकार के साइड इफेक्ट से भी मुक्त है।

  • क्या मुझे क्लियर हार्ट लेने से पहले दिन से ही रिजल्ट मिलना शुरू हो जायेगा

    जी नहीं… क्लियर हार्ट का कोर्स लेने से आप को शुरुआती दिनों  के 30-40 दिन  शरीर में खास बदलाव नहीं दिखते. रिजल्ट मिलने कम से कम 2-3 महीने समय लगता है आयुर्वेदिक औषधियां का  परिणाम दिखने  में तोडा समय लगता है पर आप को बेहतरीन और लंबा आराम मिलेगा।

  • Health Benifits

    Description

    भारतीय युवाओं में तेजी से बढ़ रही है हार्ट अटैक की समस्या !!!

    भारतीय युवाओं में हृदयाघात (हार्ट-अटैक) की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है और 2030 तक सबसे अधिक मौत  हृदय रोग के कारण ही होगी।

     

    दिल के दौरे का संबंध सबसे पहले बढ़ती उम्र के साथ माना जाता था लेकिन अब अधिकतर लोग उम्र के  तीसरे और चौथे दशक के दौरान ही दिल की बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं।

     

    आधुनिक जीवन के बढ़ते तनाव ने युवाओं में दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ा दिया है।

     

    हालांकि आनुवांशिक और पारिवारिक इतिहास अब भी सबसे आम और अनियंत्रित जोखिम कारक बना हुआ है, लेकिन युवा पीढ़ी में अधिकतर हृदय रोग का कारण हृदय की धमनियों में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) जमा होने कारण शरीर में ज़रूरत से अधिक चिकनाई या वसा (Fat) का जमा होना माना जाता है।

     

    जमे हुए इस कोलेस्ट्रॉल के थक्कों को प्लाक्स कहा जाता है जो अगर आर्टरी में जम कर सख्त होने पर हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

     

    इसी के साथ ही अत्यधिक तनाव और लगातार लंबे समय तक काम करने के साथ-साथ अनियमित नींद, धूम्रपान, शराब और आराम तलब जीवनशैली भी 30 से 40 साल के आयु वर्ग के लोगों में हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा रही है।

     

    हार्ट ब्लॉजकेज का आयुर्वेदिक इलाज

    देश के हार्ट हॉस्पिटल्स में सालाना 10 लाख से अधिक ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है और इसमें सालाना 25 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। लेकिन यह सर्जरी केवल तात्कालिक लाभ के लिए होती है।

     

    आधुनिक समय में न केवल भारत में बल्कि सम्पूर्ण विश्व ने हृदय रोग में  आयुर्वेद के उपचार को अधिक सुरक्षित और उपयोगी मान लिया है।

     

    हार्ट ब्लॉकेज का आयुर्वेदिक उपचार भी इसी प्रकार सरल और बिना किसी प्रकार के साइड इफेक्ट के होता है।

     

    इसके लिए घर में आसानी से उपलब्ध होने वाली विभिन्न चीजें जैसे अदरक, लहसुन, नींबू, ऐपल साइडर विनेगर, शहद, अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा, मेथी, कुटकी, पिप्पली आदि के प्रयोग से सरलता से बिना किसी ट्रीटमेंट के ही हार्ट ब्लॉकेज को खोला जा सकता है।

     

    ये आयुर्वेदिक औषधियां हार्ट ब्लॉकेज को खोलने ओर एल.डी.एल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, को कम करने ओर  शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालकर लीवर, किडनी को हेल्दी रखते में मदद करती है।

     

    यह सभी चीज़ें ब्लड में फैली अम्लीयता को दूर करके उसमें जमे प्लाक्स को दूर करने का काम करती हैं। आयुर्वेद में हार्ट ब्लॉजकेज ओर कोलेस्ट्रॉल का सुरक्षित इलाज बिना साइडइफ़ेक्ट के बहुत सरल व प्रभावी है।

     

    आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट के साथ स्वस्थ दिल बनाए रखें,

    Clear Heart Capsules लहसुन, अदरक, नींबू, ऐपल साइडर विनेगर ओर शहद का शुद्ध मिश्रण है।

     

    आयुर्वेदिक क्लियर-हार्ट लिक्विड एक प्राकृतिक ब्लड थिनर के रूप में कार्य करता है जो हार्ट-ब्लॉकेज, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, वैरिकाज-वेंस, यूरिक एसिड, और रक्त वाहिकाओं के प्रवाह में रुकावटों को दूर करने में मदद करता है।

     

    Clear Heart Plus Capsules अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा, मेथी, कुटकी, पिप्पली से बना है जो हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और शुगर, कम करने और शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालकर लीवर, किडनी को हेल्दी रखते हैं।

     

    अदरक, लहसुन, नींबू, ऐपल साइडर विनेगर, शहद, अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा,  मेथी, कुटकी, पिप्पली में कई प्रकार क़े विटामिन जैसे कि विटामिन सी, विटामिन बी-6, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन के एवं मिनरल्स जैसे कि कैल्शियम, लोहा, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, जस्ता होते हैं जो कि शरीर में नई ऊर्जा प्रदान करता हैं|

    Ingredients

    Ingredients

    आयुर्वेदिक क्लियर-हार्ट लिक्विड लहसुन, अदरक, निबु, ऐपल साइडर विनेगर ओर शहद का शुद्ध मिश्रण है।

    लहसुन

    लहसुन एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। इसमें एलीसीन (Allicin) और दूसरे सल्फर यौगिक मौजूद होते हैं। साथ ही लहसुन में एजोइन (ajoene) जैसा तत्व और एलीन (allein)  जैसा यौगिक भी मौजूद होता है, जो लहसुन को और ज्यादा असरदार औषधि बना देता हैं।

    लहसुन में बायोएक्टिव सल्फर यौगिक, एस-एललिस्सीस्टीन मौजूद होता है, जो ब्लड प्रेशर कम करता है। लहसुन के सेवन से शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (जो कि हानिकारक कोलेस्ट्रॉल होता है) के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का ह्रदय संबंधी रोगों से सीधा रिश्ता होता है।

     

    अदरक

    अदरक में जिंजरोल नामक खास तत्व मौजूद होता है, जो रक्त प्रवाह को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ दर्द को दूर करने का काम कर सकता है।

    अदरक को लेकर किए गए शोध में इसमें मौजूद एंटी-डायबिटिक, हाइपोलिपिडेमिक और एंटी-ऑक्सीडेटिव गुणों के बारे में पता चला है, जो मधुमेह के रोगियों में शुगर की मात्रा को संतुलित करने का काम कर सकता है।

     

    नींबू

     

    नींबू में मौजूद पॉलीफेनॉल्स बढ़ते मोटापे को नियंत्रित कर सकते हैं . नींबू शरीर से फैट को कम करने में मदद करता है। साथ ही हृदय रोग के जोखिम को भी कम करता है

    नींबू विटामिन-सी बड़ा स्रोत है और विटामिन-सी कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है।

     

    ऐपल साइडर विनेगर

    ऐपल साइडर विनेगर में मौजूद एंटी ग्लाइसेमिक गुण ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं  ऐपल साइडर विनेगर कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद कता है। इसमें पेक्टिन होता है, जो शरीर के अंदर से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।

    ऐपल साइडर विनेगर आपके शरीर से विषैले पदार्थ बाहर कर शरीर को डिटॉक्स करने का भी काम करता है। ऐपल साइडर विनेगर में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो आपके शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं।

     

    शहद

     

    शहद औषधि गुणों से भरपूर एक प्राकृतिक खाद्य पदार्थ है। शहद में विटामिन-ए और बी पाया जाता है। इसमें फैट नहीं होता, इसलिए यह वजन घटाने में मदद करता है। हनी शरीर की अतिरिक्त चर्बी को खत्म करता है . मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आप कई प्रकार से शहद का सेवन कर सकते हैं।

    हनी में काफी मात्रा में माइक्रो न्यूट्रिएंट पाए जाते है, जो मधुमेह के पीड़ित लोगों के लिए काफी फायदेमंद माने गए हैं। नियमित रूप से इसका सेवन हाइपरग्लेसेमिया (उच्च रक्त शर्करा) को कम कर देता है।

    शहद में पोटेशियम और सोडियम जैसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभदायक होते हैं. शहद फेनोलिक यौगिक घटकों से समृद्ध होता है, जो प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है।

    शहद में मौजूद फेनोलिक घटकों की कड़ी में क्वार्सेटिन, कैफीक एसिड फेनेथिल एस्टर, एसीसेटिन, कैम्फेरोल व गैलांगिन आदि शामिल होते हैं, जो हृदयवाहिका रोगों के इलाज में फायदा पहुंचाते हैं।

    आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा,  मेथी, कुटकी, पिप्पली से बना है।

     

    दालचीनी

     

    दालचीनी दिल से जुड़ी कई समस्याओं में उपयोगी है. दालचीनी आपके हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम कर, अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को स्थिर करती है।

    इससे दिल के दौरे का खतरा भी कम होता है। हैं  दालचीनी में  फेनोलिक यौगिक और फ्लैवोनॉइड मौजूद हैं, जो एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीडाइबेटिक, एंटीकैंसर और कार्डियोप्रोटेक्टीव गुण प्रदान करते हैं।

    दालचीनी में ऐसे शक्तिशाली एंटी-डायबिटिक प्रभाव होते है जो ब्लड में शुगर स्तर को कम करते है।
    इसमें कई एंटी-ऑक्सीडेंट, फाइबर और कैल्शियम भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। दालचीनी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट डायबिटीज होने के एक महत्वपूर्ण करक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है।

     

    अर्जुन छाल

    अर्जुन छाल में कार्डियोप्रोटेक्‍टीव और हृदय को मजबूत करने वाले कई गुण होते है।  यह हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने और हृदय द्वारा खून को पूरे शरीर में पहुंचाने की क्षमता में वृद्धि करता हैं।

    इसके अलावा इसके सेवन से हार्ट अटैक का खतरा भी दूर रहता हैं।

    अर्जुन छाल में मौजूद प्रोटीन व अन्य गुण हाई बल्ड प्रैशर को कम करने में सहायक होते हैं।

     

     कुटकी

     

    कुटकी रक्त में सीरम क्रिएटिनिन, यूरिक एसिड तथा इलेक्ट्रोलेट्स के स्तर में सुधार करता है। कुटकी लीवर सिरोसिस  को जड़ से खत्म करने में सक्षम मानी जाती है।

    कुटकी में एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण रक्त विकार, और ह्रदय रोग जैसी परेशानियां दूर की जा सकती है। और कुटकी रक्त को साफ करने में सहायक सिद्ध होती है।

    कुटकी के प्रयोग से पाचन तंत्र बेहतर बनता है और गैस्ट्रिक स्त्राव ठीक रहता है। कुटकी पाचन तंत्र में उत्तेजना पैदा करती है इस तरह यह ग्लाइकोजन के रूप में खून में शुगर के संचय को रोक कर लीवर को फायदा पहुंचाती है। इस वजह से यह मधुमेह को नियंत्रित करने में बहुत लाभदायक सिद्ध होती है।

     

    पीपली

    पीपली लीवर को स्वास्थ्य बनाये रखने में मदद करता है क्योंकि इसमें पिपेरिन नामक तत्व पाया जाता है जो कि लीवर की कोशिकाओं को स्वस्थ रखकर लीवर के कार्य करने की क्षमता को बढ़ाता  है।

    पिप्पली कोलेस्ट्रॉल को कम करती हैं। यह पाचन संस्थान को शक्तिशाली बनाती है और कफ का नाश करती है।

    यह पुराने बुखार, श्वास, कास, वात प्रकोप और भूख कम होना आदि व्याधियों को दूर करने वाली उत्तम औषधि है।

     

    मेथी

     

    मेथी के दाने में घुलनशील फाइबर होता है, यह कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण की दर को कम कर देता है। मेथी के दाने रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करते हैं।

    शोध के अनुसार मेथी के दानों में कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता है। खासकर, यह एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को शरीर से खत्म करने में कारगर है।

    मेथी के दानों में नारिंगेनिन नामक फ्लेवोनोइड होता है। यह रक्त में लिपिड के स्तर को कम कर सकने में सक्षम होता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिस कारण मरीज का उच्च कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है।  मेथी के सेवन से दिल का दौरा पड़ने की आशंका कम होती है।

    मेथी के दानों में अधिक मात्रा में फाइबर होता है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं मेथी के दानों में पॉलीफेनोलिक फ्लेवोनोइड पाया जाता है, जो किडनी को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। साथ ही यह किडनी के आसपास एक रक्षा कवच का निर्माण करता है,

    अश्वगंधा

    अश्वगंधा में एंटीआक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद हैं। इस कारण यह ह्रदय से जुड़ी तमाम तरह की समस्याओं को दूर कर सकता है।

    अश्वगंधा ह्रदय की मांसपेशियां मजबूत और खराब कोलेस्ट्रोल का स्तर कम करने में मदद कर सकता है।
    अश्वगंधा में भरपूर मात्रा में हाइपोलिपिडेमिक पाया जाता है, जो रक्त में खराब कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद कर सकता है।

    अश्वगंधा के जरिए डायबिटीज से भी बचा जा सकता है। इसमें मौजूद हाइपोग्लाइमिक गुण, ग्लूकोज की मात्रा को कम करने में मदद कर सकता है।

    कैसे इस्तेमाल करे ?

    कैसे इस्तेमाल करे ?

    क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्स्यूल्स का कैसे इस्तेमाल करे?

    अपने शरीर को स्वस्थ और हार्ट को तंदुरुस्त रखने के लिए क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल  को बिना किसी डर के लें सकते हैं।

     

    हार्ट ब्लॉकेज, कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेसर की समस्या के लिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट आधा गिलास कुनकुने गरम पानी लें और इसमें दो चम्मच (20 एमएल) क्लियर हार्ट लिक्विड मिलाएं। इसे रोजाना सुबह खाली पेट पिएं। सुनिश्चित करें कि आप अगले आधे घंटे तक कुछ भी सेवन न करें.

    और सुबह के नाश्ते के बाद 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल और शाम को 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल लें.। यह १००% साइड इफ़ेक्ट रहित मेडिसिन है

    अच्छे परिणाम के लिए 6 महीने नियमित लें।

     

    बिना देर किए आज ही क्लियर हार्ट लिक्विड और कैप्स्यूल्स को अपने घर की डाइनिंग टेबल का हिस्सा बनाएँ और हर समय स्वस्थ व तंदुरुस्त रहने का सरल तरीका अपनाएँ।

     

    हार्ट ब्लॉकेज से रोकथाम इलाज से बेहतर है।

     

    35 वर्ष से ऊपर प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में 3  माह क्लियर हार्ट लिक्विड या कैप्स्यूल्स लेना चाहिए जिससे शारीरिक ताकत बनी रहे एवं शरीर में उपस्थित अनावश्यक विषैले पदार्थो बाहर निकल जाये|

    How It Works ?

    How It Works ?

    क्लियर हार्ट लिक्विड और क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल प्राकृतिक ब्लड थिनर के रूप में कार्य करता है जो हार्ट-ब्लॉकेज, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, वैरिकाज-वेंस, और रक्त वाहिकाओं के प्रवाह में रुकावटों को दूर करने में मदद करता है एवं शरीर (बॉडी) को डिटॉक्सीफाई कर हृदय की बीमारियों से बचाव में मदद करता है

    क्लियर-हार्ट लिक्विड ओर क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल  हृदय में रक्त की पंपिंग को बढ़ाता है, हृदय में ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाता है, ब्लड को पतला करता है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है व यूरिक एसिड, एसिडिटी, एनीमिया, शुगर लेवल कम करने में और सीने में दर्द सहित कई सारी बीमारियों से बचाव में मदद करता हैं

    Reviews (2)

    2 reviews for क्लियर हार्ट लिक्विड  + क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल

    1. 5 out of 5

      Sayad Hasan

      Good Product For Heart and Lowering Cholesterol, get very good result in just 3/4 months every one must try Clear Heart Liquid & Clear Heart Plus Capsules

    2. 5 out of 5

      Sanjay Deepchand Jain

      My father tried Clear Heart Liquid & Clear Heart Plus Capsules and we really observed great improvements. He had undergone bypass surgery in 1996 and in 2018 we again performed a 2d echo and found 3 blockages. We found Clear Heart Advts in newspaper and then he tried Clear Heart Liquid in morning and Clear Heart Plus Capsules twice a day for 3 months course and now he is again test and his blockages are reducing and felling very energetic and no pain in chest and no short breath.
      Everybody in my family now uses Clear Heart

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    FAQ

  • एलपी(ए) कोलेस्ट्रॉल क्या है?

    एलपी(ए) कोलेस्ट्रॉल दरअसल प्लासमा एलडीएल का आनुवांशिक प्रकार है। ब्लड में इसकी अधिक मात्रा होने पर व्यक्ति को समय से पहले ही अथेरोक्लेरोसिस के होने की संभावना होने लगती है। हालांकि बढ़ा हुआ एलपी(ए) कोलेस्ट्रॉल हृदय संबंधी रोग का कारण कैसे बनाता है, यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है। धमनियों की दीवारों में पाया जाने वाला तत्व जब एलपी(ए) कोलेस्ट्रॉल के साथ मिलता है तब यह चिकनाई को जमा करने लगता है।

  • अधिक एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के क्या खतरे है ?

    जब रक्त में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल अधिक हो जाता है तब यह उन धमनियों की दीवार में जमने लगता है जो हृदय और मस्तिष्क का पोषण करती हैं। इन धमनियों में यह दूसरे तत्वों के साथ मिलकर प्लाक्स जो एक मोटा और सख्त पदार्थ होता है, का निर्माण करने लगता है। इस स्थिति को आर्थ्रोक्लोरोसिस कहते हैं। जब इस प्लाक्स के टुकड़े हो जाते हैं तब यह शरीर के पूरे रक्त में मिलने लगता है और इसका बहाव हृदय की ओर जाने वाली मसल्स में होने लगता है जिसके कारण हार्ट अटैक का खतरा हो जाता है। अगर यह बहाव मस्तिष्क की ओर जाने वाले रक्त को रोकने लगता है तब व्यक्ति को लकवे का डर हो जाता है। डॉक्टरों का यह मानना है कि एचडीएल कोलेस्ट्रॉल का काम हृदय की धमनियों से रक्त को निकालकर लीवर में वापस ले जाना होता है जहां से यह शरीर से बाहर निकल जाता है। इसके अलावा उनका यह भी मानना है कि एचडीएल, शरीर में बने प्लाक्स में से फालतू चर्बी को बाहर निकाल कर उनकी निर्माण प्रक्रिया को धीमा कर देता है। एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को इसलिए ब्लड का अच्छा कैरियर माना जाता है क्योंकि बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल ही शरीर में हार्ट अटेक को होने से रोक सकता है। जबकि एलडीएल का कम लेवल, लकवे की संभावना को बढ़ा देता है।

  • एलडीएल और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल क्या होता है?

    मानव शरीर के ब्लड में कोलेस्ट्रॉल और दूसरी फैट घुलने वाली नहीं होती है। उन्हें बॉडी सेल्स में और से लाने-ले जाने का काम भी बॉडी सेल्स ही करते हैं। इन सेल्स का नाम लिपोप्रोटिंस होता है। वैसे तो यह सेल्स अलग-अलग प्रकार के होते हैं लेकिन लो-डैन्सिटि लिपोप्रोटिंस(LDL) और हाई डेंसीटी लिपोप्रोटिंस(HDL) अधिक महुत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनमें लिपोप्रोटिंस को रक्त में मिलने वाले महत्वपूर्ण कोल्टेस्ट्रोल वाहक सेल्स माना जाता है। इसके अतिरिक्त रक्त का लगभग 1/3 से लेकर ¼ भाग तक हाई डेनिसिटी लिपोप्रोटिंस सेल्स के द्वारा लाया या ले जाया जाता है।

  • कोलेस्ट्रॉल क्या है?

    कोलेस्ट्रॉल आपके शरीर के ब्लड और सेल्स में फैट के अंदर नरम और चिकना व चिपकने वाला तत्व होता है। यह शरीर में हेल्थी ब्लड के जरूरी हिस्से के रूप में दूसरे कामों के अलावा सेल्स की झिल्ली के निर्माण में काम आता है। लेकिन जब ब्लड में इसकी मात्रा बढ़ जाती है तब यह स्थिति हाई कोलेस्ट्रॉल की कहलाती है जो लगभग हर प्रकार की हृदय रोग संबंधी विशेषकर हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार होती है।

  • क्लियर हार्ट लेने से क्या कोई साइड इफेक्ट होते हैं?

    क्लियर हार्ट पूरी तरह से एक सुरक्षित प्रोडक्ट है। यह पूरी तरह से शत प्रतिशत ओर्गेनिक चीजों से मिले नैचुरल तत्वों से ही मिलकर बना है। इसका निर्माण विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर किया गया है जो हृदय संबंधी परेशानियों से ग्रस्त हैं और आगे भी वो इनके साथ रहने के लिए मजबूर हैं। इसके नियमित और लंबे प्रयोग से कोई साइड इफेक्ट नहीं हो सकता है।

  • क्लियर हार्ट का सेवन किसको नहीं करना चाहिए?

    इसे छोटे बच्चों और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को देनी की सलाह नहीं दी जाती है। इसके अलावा प्रेग्नेंट और ब्रेस्ट-फीड करवाने वाली माँ को भी इसे न लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा यदि आप और भी किसी बात के लिए दवा ले रहे हैं तो क्लियर हार्ट लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य करें।

  • इसकी कम से कम कितनी मात्रा लेनी चाहिए?

    अगर आप स्वयं को स्वस्थ रखते हुए, हर प्रकार की हृदय को स्वस्थ और मजबूत करने , ब्लड प्रेशर आदि संबंधी परेशानियों को दूर रखना चाहते हैं हार्ट ब्लॉकेज, कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेसर की समस्या के लिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट आधा गिलास कुनकुने गरम पानी लें और इसमें दो चम्मच (20 एमएल) क्लियर हार्ट लिक्विड मिलाएं। इसे रोजाना सुबह खाली पेट पिएं। सुनिश्चित करें कि आप अगले आधे घंटे तक कुछ भी सेवन न करें. और सुबह के नाश्ते के बाद 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल और शाम को 1 क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल लें.। यह १००% साइड इफ़ेक्ट रहित मेडिसिन है  क्लियर हार्ट को लेने की आदत से आपको बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

  • मेरा शारीरक वजन बहुत अधिक है। क्या मैं इसका इस्तेमाल कर सकता हूँ?

    जी हाँ, बिल्कुल कर सकते हैं। वैसे भी, जिन लोगों का शारीरिक वजन बहुत अधिक होता है उन्हें हृदय संबंधी परेशानियाँ थोड़ी अधिक होती हैं इसलिए उनके लिए तो क्लियर हार्ट का सेवन करना और भी अधिक जरूरी होता है। क्लियर हार्ट में सभी प्राकृतिक तत्व जैसे अदरक, लहसुन, नींबू, ऐपल साइडर विनेगर, शहद, अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा,  मेथी, कुटकी, पिप्पली मिले होते हैं जो आपका वजन कम करने में नैचुरली मदद करते हैं और हृदय संबंधी परेशानियों को दूर रखते हुए आपके जीवन को स्वस्थ व आपको प्रसन्न रख सकते है।

  • मुझे मधुमेह की शिकायत है। क्या मैं इसका इस्तेमाल कर सकता हूँ?

    वैसे तो यह मधुमेह या इसके कारण होने वाली किसी स्वास्थय संबंधी परेशानी में कोई नुकसान नहीं करती है, फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से इसे लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य ले सकते हैं।

  • क्या क्लियर हार्ट के सेवन के साथ अपनी जीवन शैली में कोई विशेष परिवर्तन करना होगा?

    ऐसा करना जरूरी नहीं है। क्लियर हार्ट में सभी तत्व प्राकृतिक गुणों से युक्त हैं। फिर भी से सुबह खाली पेट और कुछ भी जैसे चाय, जूस या ब्रेकफ़ास्ट के खाने से 30 मिनट पहले लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा और किसी भी बात में परिवर्तन की जरूरत नहीं है।

  • मैं क्लियर हार्ट को कैसे खरीद सकता हूँ?

    सामान्य रूप से क्लियर हार्ट लिक्विड, क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल और क्लियर हार्ट कैप्सूल्स महाराष्ट्र के सभी प्रसिद्ध और बड़े कैमिस्ट और आयुर्वेदिक स्टोर में सरलता से मिल जाते हैं। इसके अलावा सभी वो वेबसाइट जो हेल्थ संबंधी प्रोडक्ट बेचती हैं वो भी हमारे प्रोडक्ट को अपने पास लिस्टिड रखती हैं। फिर भी बिना किसी परेशानी के अपने घर बैठे इसे लेने के लिए पूरे भारत में कहीं भी मँगवाने के लिए www.vinnershealthcare.com से भी ऑर्डर कर सकते हैं।  अभी ऑर्डर करें।

  • क्या मुझे क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल्स लेना चाहिए ?

    आयुर्वेदिक क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल अर्जुन छाल, दालचीनी, अश्वगंधा,  मेथी, कुटकी, पिप्पली से बना है जो हृदय की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल, शुगर, कम करने और किडनी की कार्य क्षमता बेहतर करने का काम कर्ता है और किडनी, लिवर को भी साफ करने में मदद करता है जिस से शरीर में ब्लड बेहतर  साफ़ होता है और शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने में लाभकारी हैं।  क्लियर-हार्ट लिक्विड / क्लियर-हार्ट कैप्सूल के साथ क्लियर हार्ट प्लस कैप्सूल लेने से हृदय रोग में बेहतरीन परिणाम देखने को मिलते हैं।

  • क्या क्लियर हार्ट से मुझे फायदा होगा?

    जी हाँ,  बिल्कुल, इसके सेवन से आपको फायदा होगा, क्लियर हार्ट आयुर्वेदिक औषधियां से बनाया गया है जो सदियों से अपने लाभकारी गुणों के जरिये आपके हार्ट, किडनी और लीवर को स्वस्थ रखने के लिए जानी जाती हैं और उन सभी बीमारियो व परेशानियों को दूर रखने में समर्थ होती हैं जो उम्र के बढ़ने के साथ ही आपको परेशान कर सकती हैं।

  • मुझे अच्छे परिणाम लेने के लिए कब तक इसे लेना होगा?

    क्लियर हार्ट को लेने वाले अधिकतर ग्राहक इस बात से संतुष्ट होकर कहते हैं कि उन्हें 2-
    3 माह के अंत तक संतोषजनक परिणाम देखने को मिल जाते हैं। इसके अतिरिक्त, यह एक सप्लिमेंट है जिसका सेवन वे एक अच्छी आदत के रूप में अपनी नियमित डाइट के साथ जारी रख सकते हैं।  अंतिम परिणाम के रूप में इसके सेवन के बाद एक स्वस्थ हृदय और शरीर को प्राप्त करना हो सकता है। अच्छे परिणाम के लिए 6 महीने नियमित लें।

  • क्लियर हार्ट का सेवन किसे करना चाहिए?

    वो सभी जो अपने हृदय को स्वस्थ रखना चाहते हैं, इसका सेवन कर सकते हैं। विशेषकर तब तो जरूर जब आपकी उम्र 35-40 वर्ष या इससे अधिक की हो तब उम्र के साथ होने वाली सभी बीमारियों को शरीर से दूर रखने के लिए और उन सभी को जो हृदय की ठीक न हो सकने वाली परेशानियों से ग्रस्त हैं वो भी क्लियर हार्ट के सेवन के जरिये उन्हें सरलता से ठीक करने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा, क्लियर हार्ट, आजकल की बदली हुई जीवनशैली जैसे तनाव पूर्ण वातावरण, पौष्टिक भोजन के सेवन न करने, लगातार जंक फूड लेने के कारण होने वाली बीमारियों में भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। प्राकृतिक होने के कारण क्लियर हार्ट का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित है और हर प्रकार के साइड इफेक्ट से भी मुक्त है।

  • क्या मुझे क्लियर हार्ट लेने से पहले दिन से ही रिजल्ट मिलना शुरू हो जायेगा

    जी नहीं… क्लियर हार्ट का कोर्स लेने से आप को शुरुआती दिनों  के 30-40 दिन  शरीर में खास बदलाव नहीं दिखते. रिजल्ट मिलने कम से कम 2-3 महीने समय लगता है आयुर्वेदिक औषधियां का  परिणाम दिखने  में तोडा समय लगता है पर आप को बेहतरीन और लंबा आराम मिलेगा।

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